‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर SDOP अंकिता शुल्या की ताबड़तोड़ कार्रवाई, मऊगंज जिले के नामी तस्कर को पकड़ा
उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में आए दिन शराब और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की खबर सामने आ रही है. जिसके बाद प्रशासन अब एक्शन मोड में हैं. जिले में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर एसडीओपी अंकिता शुल्या तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर तस्करों की धरपकड़ में जुटी हैं. इसी कड़ी में एसडीओपी अंकिता शुल्या ने जिले के नामी तस्कर अनिल जायसवाल उर्फ लाला को 120 सीसी नशीली कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया और नईगढ़ी थाना पुलिस के हवाले किया. यह कार्रवाई नईगढ़ी थाना क्षेत्र के सेनुआ मोड़ पर की गई.
पकड़ा गया तस्कर है आदतन अपराधी
मिली जानकारी के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी अनिल जायसवाल उर्फ लाला नईगढ़ी शराब दुकान में पार्टनर के रूप में काम करता है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं. हाल ही में जेल से छूटने के बाद अनिल जायसवाल पर अपहरण और मारपीट का भी आरोप लगा था. वहीं, इस मामले में थाने में फरियादी की रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई थी. जिसके चलते पुलिस पर आरोपी को संरक्षण देने के आरोप लग रहे थे.
नईगढ़ी थाना पुलिस पर उठ रहे सवाल
एमपी-यूपी बॉर्डर से लगे होने के चलते जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में अवैध कोरेक्स और गांजा की तस्करी बढ़ती जा रही है. दो दिन पहले ही आबकारी विभाग ने नईगढ़ी थाना क्षेत्र से लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर अवैध देशी महुआ लहान जब्त की. जिसके बाद पुलिस की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसके अलावा नईगढ़ी थाना प्रभारी और थाने में पदस्थ कुछ आरक्षकों पर तस्करों की सरपरस्ती का भी आरोप कई बार लग चुका है.

‘अपराधों पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देश’
हालांकि, तस्करी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मऊगंज पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने मुहिम चलाकर सभी थानों और चौकी प्रभारियों को सख्त संदेश दिया था कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें, जिससे जिले का लॉ एंड ऑर्डर बना रहे और समाज में पुलिस की छवि अच्छी हो.