शेयर मार्केट से छाप रहे हैं नोट, जान लीजिए अब शार्ट और लॉन्ग टर्म पर कितना लगेगा टैक्स
अगर आप शेयर बाजार से कमाई करते हैं तो आपको यह जानना जरूरी है कि स्टॉक मार्केट से होने वाली कमाई पर टैक्स लगता है। इक्विटी शेयर की बिक्री से होने वाली आय या हानि कैपिटल गेन्स के तहत कवर की जाती है।
शेयर से की जाने वाली कमाई पर अब आयकर की नजर है। अगर आप हर दिन ट्रेडिंग करते हैं तो आपको 30 फीसद तक आयकर देना पड़ सकता है। इसलिए आप शेयर बाजार में किस्मत आजमा रहे हैं तो सावधान हो जाएं।
आयकर रिटर्न भरते समय इस बात का ध्यान रखें और ट्रेडिंग से की जाने वाली कमाई का उल्लेख करें। हाल ही में जारी हुए बजट में निर्धारित किया गया है कि लॉन्ग टर्म शेयर पर महज साढ़े 12 फीसद और शार्ट टर्म पर 20 फीसद तक टैक्स चुकाना होगा।

अगर हर दिन खरीद करते हैं तो आय पर 30 फीसद टैक्स देना होगा, लेकिन आयकर विभाग यह कर आपसे तभी मांगेगा जब आप इनकम द्वारा निर्धारित स्लैब से अधिक कमाते हैं।
तीन हिस्सों में बांटा शेयर बाजार से की गई गई कमाई पर कर
सीए आशीष पारिख का कहना है कि आयकर विभाग ने शेयर बाजार से की जाने वाली कमाई को तीन हिस्सों में बांटा है। जिसे अलग अलग स्लैब में रखकर उनसे होने वाली आय पर टैक्स लगाया जाएगा। इंट्रा डे-इंट्रा डे का मतलब है हर दिन शेयर खरीद और बिक्री से होने वाली आय को व्यापार माना गया है। इस पर 30 फीसद तक का कर आपको चुकाना होगा।
शार्ट टर्म का मतलब आपके द्वारा खरीदे गए शेयर यदि एक साल के भीतर आप बेचते हैं तो इसे शार्ट टर्म के स्लैब में माना जाएगा। जिस पर विभाग द्वारा 20 फीसद तक का कर निर्धारित किया गया है जो आपको शेयर से होने वाली आय से लिया जाएगा।
लांग टर्म में आपके द्वारा खरीद किए गए शेयर यदि आप एक साल रखकर बेचते हैं तो लांग टर्म निवेश माना जाएगा जिस पर विभाग ने साढ़े 12 फीसद तक का टैक्स निर्धारित किया है।
टैक्स की नई दर
इस बार सालाना 3 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए शून्य दर रखी गई है। ऐसे लोग जिनकी आय 3 लाख रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक है, उन्हें 5 फीसदी टैक्स के दायरे में रखा गया है। यदि आपकी आय 7 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक है, तो 10 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा। अगर सालाना इनकम 10 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक है, तो 15 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा।
इस तरह से समझें
अधिवक्ता एवं पास्ट वाईस प्रसिडेंट टैक्स बार आदित्य गंगवाल का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 10 लाख रुपये है। इसमें तीन लाख रुपये उसके द्वारा शेयर के खरीद और बेचने से की गई है। तब उस व्यक्ति को 7 लाख रुपये पर तो टैक्स स्लैब के हिसाब से देना होगा। मतलब 3 लाख रुपये तक शून्य कर लगेगा, 3 से 7 लाख तक 5 फीसद देना होगा।
इसके बाद जो शेयर बेचकर कमाया उस पर जिस तरह से आपने खरीद और बिक्री की है उसके हिसाब से टैक्स देना होगा। यदि आपने प्रति दिन खरीद और बिक्री कर मुनाफा लिया तो 30 फीसद कर देना पड़ेगा। यदि आपने आज शेयर खरीदे और एक साल के अंदर बेचे तो 20 फीसद और एक साल बाद बेचे तो साढ़े 12 फीसद कर चुकाना पड़ेगा।