सुप्रीम की टिप्‍पणी- बड़े पैमाने पर नहीं हुआ पेपरलीक, सिर्फ पटना और हजरीबाग तक ही सीमित

सुप्रीम की टिप्‍पणी- बड़े पैमाने पर नहीं हुआ पेपरलीक, सिर्फ पटना और हजरीबाग तक ही सीमित

नीट यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि देश में बड़े पैमाने पर पेपर लीक नहीं हुआ है। इसके साथ ही कोर्ट ने कई दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। कोर्ट ने एक कमेटी का गठन किया है, जो दो माह में कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करेगी।

नीट यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक नहीं हुआ है, यह घटना पटना और हजारीबाग तक ही सीमित रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सर्वोच्‍च न्‍यायालस ने कहा कि ‘केंद्र द्वारा गठित समिति परीक्षा प्रणाली की साइबर सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, बढ़ी हुई पहचान जांच की प्रक्रियाओं, परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी निगरानी के लिए तकनीकी प्रगति के लिए एसओपी तैयार करने पर भी विचार कर रही है।’

कोर्ट ने दिए दिए कई दिशा-निर्देश

अधिवक्‍ता श्वेतांक सेलकवाल ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक को लेकर कई दिशा निर्देश तय किए हैं। कोर्ट ने हजारीबाग और पटना में हुए पेपर लीक को संज्ञान में लिया है और एक कमेटी भी बनाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी को उन सभी बिंदुओं को शामिल करने का निर्देश दिया है। जो फैसले में निर्धारित किए गए हैं।’

सेलकवाल ने बताया कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि आपको पेपर ले जाने की प्रक्रिया का ध्यान रखना होगा, सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही समिति को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। समिति को दो महीने का समय दिया गया था, जिसे कुछ समय के लिए बढ़ा दिया गया है।’