कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप एंड मर्डर केस में आज फैसले का दिन… पढ़िए अब तक क्या-क्या हुआ
पिछले साल अगस्त में सामने आए इस मामले में पूरे देश को शर्मसार कर दिया था। मामला पर राजनीति भी खूब हुई थी। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ डॉक्टरों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया। अब उम्मीद की जा रही है कि आरोपी को सख्त सजा देकर एक बार फिर मिसाल पेश की जाएगी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 साल की ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले निचली अदालत आज फैसला सुनाएगी। सियालदह की सत्र अदालत मामले पर सुनवाई चल रही थी, जिसमें सीबीआई ने सख्त सजा की मांग की है।
यह मामला 9 अगस्त 2024 का है, जब अस्पताल के सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया गया था। बुरी तरह दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में अस्पताल का कर्मचारी संजय रॉय मुख्य आरोपी है।
RG Kar rape and murder case Timeline
अगस्त, 2024
9 अगस्त: प्रशिक्षु डॉक्टर का अर्धनग्न शव उत्तरी कोलकाता के सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल की तीसरी मंजिल पर मिला।
10 अगस्त: कोलकाता पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को हिरासत में लिया। पूरे पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों का पहला विरोध प्रदर्शन शुरू।
12 अगस्त: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता पुलिस को मामले को सुलझाने के लिए सात दिन की समय सीमा दी, अन्यथा वह इसे सीबीआई को सौंप देंगी। आरजी कर के प्रिंसिपल संदीप घोष ने विरोध के बीच इस्तीफा दिया।
13 अगस्त: कलकत्ता हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया और मामले को बेहद वीभत्स करार दिया। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से सेवा फिर से शुरू करने का आग्रह किया। हाई कोर्ट ने केस सीबीआई को ट्रांसफर किया। सीबीआई ने आरोपी को हिरासत में लिया।
14 अगस्त: फोरेंसिक टीम के साथ मामले की जांच के लिए 25 सदस्यों की सीबीआई टीम का गठन किया गया। इस बीच ममता बनर्जी ने विरोध रैली का ऐलान किया है। सैकड़ों छात्रों, लोगों और नागरिक समाज संगठनों ने ‘रिक्लेम द नाइट’ का आह्वान किया और सड़कों पर उतरकर इस जघन्य अपराध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस पर भीड़ ने आरजी कर अस्पताल पर हमला किया, आपातकालीन विभाग और नर्सिंग स्टेशन में तोड़फोड़ की। आईएमए ने 17 अगस्त को 24 घंटे के लिए राष्ट्रव्यापी सेवाएं बंद करने का आह्वान किया।
16 अगस्त: पुलिस ने अस्पताल पर हमले के आरोप में 19 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया।
19 अगस्त: सीबीआई ने बलात्कार-हत्या मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ की। केंद्रीय एजेंसी को आरोपी पर पॉलीग्राफ परीक्षण करने की अनुमति दी गई।
20 अगस्त: तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया।
21 अगस्त: केंद्र ने केंद्रीय बलों को आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया।
24 अगस्त: मुख्य आरोपी समेत छह अन्य का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया।
25 अगस्त: सीबीआई ने संदीप घोष, पूर्व डिप्टी संजय वशिष्ठ और 13 अन्य के आवास पर छापेमारी की।

सितंबर, 2024
2 सितंबर: सीबीआई ने संदीप घोष को उनके कार्यकाल के दौरान आरजी कर अस्पताल में कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में 2 सितंबर को गिरफ्तार किया।
14 सितंबर: सीबीआई ने बलात्कार और हत्या मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी और सबूत गायब होने पर संदीप घोष और कोलकाता पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल को फिर से गिरफ्तार किया।
अक्टूबर, 2024
3 अक्टूबर: पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के डॉक्टर प्रशिक्षु डॉक्टर के लिए न्याय और चिकित्सा पेशेवरों के लिए सुरक्षा की मांग को लेकर कोलकाता में भूख हड़ताल पर बैठे।
7 अक्टूबर: सीबीआई ने मामले में आरोपी संजय रॉय के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
21 अक्टूबर: ममता बनर्जी के साथ लंबे समय से चली आ रही बैठक के बाद प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने अपनी 17 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
नवंबर, 2024
4 नवंबर: सियालदह कोर्ट में संजय रॉय के खिलाफ सीबीआई ने आरोप तय किया।
11 नवंबर: सियालदह अदालत में सुनवाई शुरू हुई।
29 नवंबर: सीबीआई ने आरजी कर वित्तीय अनियमितता मामले में 125 पेज का आरोप पत्र दायर किया और मामले में संदीप घोष का नाम शामिल किया गया।
जनवरी, 2025
18 जनवरी, 2025: सियालदह अदालत मामले में अपना फैसला सुनाएगी।