दोनों टीमों ने क्यों पहनी काली पट्टी, तीसरे दिन के खेल से पहले स्टेडियम में तालियों की गूंज
लीड्स टेस्ट के तीसरे दिन भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने डेविड ‘सिड’ लॉरेंस को श्रद्धांजलि दी। लॉरेंस ने इंग्लैंड के लिए पांच टेस्ट खेले थे। 1992 में चोट के कारण उनका करियर समाप्त हो गया और 2023 में एमएनडी की पुष्टि के बाद 2025 में उनका निधन हो गया।
लीड्स टेस्ट के तीसरे दिन की शुरुआत एक भावुक क्षण के साथ हुई, जब भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज डेविड ‘सिड’ लॉरेंस को श्रद्धांजलि दी। तीसरे दिन के खेल से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने स्टेडियम में तालियों की गूंज के साथ उन्हें याद किया और काली पट्टियां बांधकर सम्मान प्रकट किया। बीसीसीआई ने इस क्षण की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “दोनों टीमें इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड ‘सिड’ लॉरेंस को सम्मान देने के लिए काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी हैं। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले एक पल के लिए तालियों की गूंज से स्टेडियम गूंज उठा।”
घरेलू क्रिकेट में शानदार योगदान
डेविड लॉरेंस का निधन 61 वर्ष की आयु में मोटर न्यूरॉन रोग (Motor Neuron Disease – MND) से लंबी लड़ाई के बाद हुआ। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने तीसरे दिन की सुबह उनके निधन की सूचना दी। लॉरेंस का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका योगदान उल्लेखनीय था।

एक टेस्ट मैच के दौरान घुटने में गंभीर चोट
उन्होंने 1988 में इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और 1988 से 1992 तक कुल पांच टेस्ट खेले, जिसमें 18 विकेट चटकाए। 1991 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मैच में उन्होंने पांच विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था, जिसमें महान बल्लेबाज विव रिचर्ड्स को आउट करना भी शामिल था। दुर्भाग्यवश, 1992 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच के दौरान उन्हें गंभीर घुटने की चोट लगी, जिससे उनका करियर अचानक समाप्त हो गया। 2023 में पता चला कि वह एमएनडी से पीड़ित थे।