‘3 दिन तक फ्लैट में सड़ती रही लाश…’, बॉलीवुड की वो बोल्ड हसीना जिसकी भूख से तड़पकर हो गई थी मौत

‘3 दिन तक फ्लैट में सड़ती रही लाश…’, बॉलीवुड की वो बोल्ड हसीना जिसकी भूख से तड़पकर हो गई थी मौत

बॉलीवुड में शोहरत जितनी तेजी से मिलती है, उतनी ही बेरहमी से छिन भी जाती है। 70 और 80 के दशक की सबसे ग्लैमरस और बोल्ड अभिनेत्रियों में शुमार परवीन बाबी की जिंदगी इसकी सबसे दर्दनाक मिसाल है। पर्दे पर आत्मविश्वास और ग्लैमर की नई परिभाषा गढ़ने वाली यह अदाकारा असल जिंदगी में अकेलेपन, बीमारी और गुमनामी से जूझती रही। उनका अंत इतना भयावह था कि आज भी यह कहानी रूह कंपा देती है।

नवाबी खानदान से बॉलीवुड तक का सफर

परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1954 को गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था। वह एक नवाबी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। बचपन में ही पिता का साया उठ गया, लेकिन इसके बावजूद परवीन की परवरिश अच्छे माहौल में हुई। उन्होंने अच्छी शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र से ही उनका रुझान मॉडलिंग की ओर हो गया।

18 साल की उम्र में परवीन मॉडलिंग करने लगीं। कहा जाता है कि अहमदाबाद में एक शूटिंग के दौरान फिल्ममेकर बी.आर. इशारा की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने परवीन को फिल्म ऑफर कर दी। यहीं से उनका बॉलीवुड सफर शुरू हुआ।

अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट जोड़ी

साल 1974 में परवीन बाबी फिल्म ‘मजबूर’ में अमिताभ बच्चन के साथ नजर आईं। फिल्म हिट रही और परवीन रातोंरात स्टार बन गईं। इसके बाद अमिताभ के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही। ‘दीवार’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘नमक हलाल’ जैसी सुपरहिट और कल्ट फिल्मों में परवीन ने अपनी अलग पहचान बनाई।

टाइम मैगजीन के कवर पर जगह

परवीन बाबी ने सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई। साल 1976 में वह मशहूर टाइम मैगजीन के कवर पर आने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनीं। उस दौर में उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे स्टाइलिश, बोल्ड और महंगी अभिनेत्रियों में गिना जाता था।

निजी जिंदगी और रिश्तों की चर्चा

परवीन बाबी की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। उनका नाम अभिनेता डैनी डेन्जोंगपा, कबीर बेदी और फिल्ममेकर महेश भट्ट से जुड़ा। महेश भट्ट के साथ उनका रिश्ता सबसे ज्यादा चर्चित रहा। हालांकि यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और इसी दौर में परवीन की मानसिक सेहत बिगड़ने लगी।

मानसिक बीमारी से जूझती रहीं परवीन

परवीन बाबी पैरानॉइड सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं। इस बीमारी में व्यक्ति को भ्रम होने लगता है कि उसके आसपास के लोग उसे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कई बार अपने करीबियों और फिल्मी हस्तियों पर गंभीर आरोप लगाए। धीरे-धीरे परवीन ने खुद को दुनिया से अलग कर लिया और इंडस्ट्री से दूरी बना ली।

गुमनामी और अकेलेपन में बीती आखिरी जिंदगी

बीमारी के चलते परवीन बाबी फिल्मों से दूर होती चली गईं। वह मुंबई के जुहू स्थित अपने फ्लैट में अकेले रहने लगीं। न परिवार, न दोस्त सिर्फ अकेलापन।

3 दिन बाद मिली लाश, भूख से मौत

22 जनवरी 2005 को परवीन बाबी की मौत की खबर सामने आई। जब दो-तीन दिन तक उनके फ्लैट के बाहर दूध और अखबार पड़े रहे, तो पड़ोसियों को शक हुआ। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था।

परवीन की लाश बिस्तर पर पड़ी थी और उनकी मौत करीब 72 घंटे पहले हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से हुई थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उनके पेट में खाने का एक निवाला तक नहीं था, यानी वह भूख से भी जूझ रही थीं।

खामोशी में हुआ अंतिम संस्कार

परवीन बाबी की मौत के बाद उन्हें पहचानने वाला कोई नहीं था। बाद में कुछ रिश्तेदार सामने आए और मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया।

एक चमकता सितारा, जो तन्हाई में बुझ गया

परवीन बाबी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री की नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है कि शोहरत के पीछे छिपा अकेलापन कितना भयावह हो सकता है। ग्लैमर की दुनिया की यह बोल्ड हसीना अंत में गुमनामी, बीमारी और तन्हाई का शिकार हो गई।