7 राज्यों की 13 सीटों पर उपचुनाव के नतीजे: इंडिया ने 10, एनडीए ने 2 सीटें जीतीं; एक निर्दलीय के खाते में गई

7 राज्यों में 13 विधानसभा उपचुनाव के नतीजे

मध्य प्रदेश और बिहार समेत 7 राज्यों की 13 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आए। इनमें से इंडिया ने 10, एनडीए ने 2 सीटें जीतीं। कांग्रेस और टीएमसी को 4-4 सीटें मिली हैं। भाजपा के खाते में 2 सीटें आईं। वहीं, 4 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं। इन 13 सीटों में से भाजपा के पास 3 सीटें थीं। कांग्रेस के पास 2, टीएमसी के पास 1, जेडीयू के पास 1, आप के पास 1, डीएमके के पास 1, बीएसपी के पास 1 और निर्दलीय के पास 3 सीटें थीं। सभी सीटों पर 10 जुलाई को वोटिंग हुई थी।

नतीजों पर राहुल का बयान:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘चुनाव नतीजों से यह साफ हो गया है कि भाजपा का बुना गया भय और भ्रम का जाल टूट चुका है। किसान, नौजवान, मजदूर समेत हर वर्ग तानाशाही का समूल नाश कर न्याय का राज स्थापित करना चाहता है। संविधान की रक्षा के लिए जनता अब पूरी तरह से इंडिया के साथ खड़ी है।
मध्य प्रदेश और बिहार समेत 7 राज्यों की 13 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे शनिवार को आए। इनमें से इंडिया ने 10, एनडीए ने 2 सीटें जीतीं।

सभी सीटों पर 10 जुलाई को वोटिंग हुई थी। कांग्रेस ने 4, टीएमसी ने 4, आप-डीएमके ने 1-1 सीटें जीती हैं। वहीं, भाजपा के खाते में 2 सीटें गई हैं। एक सीट पर निर्दलीय विजयी हुआ है।

इन 13 सीटों में भाजपा के पास 3 सीटें थीं। कांग्रेस के पास 2, टीएमसी के पास 1, जेडीयू के पास 1, आप के पास 1, डीएमके के पास 1, बीएसपी के पास 1 और निर्दलीय के पास 3 सीटें थीं।

नतीजों पर राहुल गांधी ने कहा, ‘उपचुनाव के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा द्वारा बुना गया ‘भय और भ्रम’ का जाल टूट चुका है। किसान, नौजवान, मजदूर समेत हर वर्ग तानाशाही का समूल नाश कर न्याय का राज स्थापित करना चाहता है। अपने जीवन की बेहतरी और संविधान की रक्षा के लिए जनता अब पूरी तरह से INDIA के साथ खड़ी है। जय हिंदुस्तान, जय संविधान।’

एनडीए : 13 में से भाजपा 9 हारी; सहयोगी दलों ने भी दो सीटें गंवाई

एनडीए ब्लॉक में 13 में से 11 सीटों पर भाजपा और दो अन्य पर जदयू, पीएमके ने चुनाव लड़ा। इनमें भाजपा मध्य प्रदेश की अमरवाड़ा और हिमाचल प्रदेश की हमीपुर सीट ही जीत पाई। जेडीयू बिहार की रुपौली और पीएमके तमिलनाडु की विक्रवंडी सीट हार गई।

इंडिया : कांग्रेस 13 में से 4 पर जीती, सहयोगी दल ने एक सीट जीती

इंडिया ब्लॉक में 13 में से कांग्रेस 9, राजद 1, सीपीआई (एम) 2 और डीएमके एक सीट पर चुनाव लड़ी। कांग्रेस ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें हिमाचल प्रदेश की देहरा, नलगढ़ और उत्तराखंड की बद्रीनाथ, मंगलौर सीट शामिल है। डीएमके ने तमिलनाडु की विक्रवंडी सीट पर जीत दर्ज की।

पंजाब में AAP, पश्चिम बंगाल में तृणमूल एकतरफा जीती

पंजाब में एकमात्र सीट आप ने जीत ली। यहां भाजपा दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। पश्चिम बंगाल की 4 विधानसभा सीटों पर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पिछली बार भाजपा के पास 3 सीटें थीं, लेकिन इस बार तृणमूल ने तीनों सीटें छीन लीं। यहां तृणमूल अकेले चुनाव लड़ी।

हालांकि कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर आप और कांग्रेस को इंडिया गठबंधन का हिस्सा बताते हुए लिखा- इंडिया गठबंधन ने 13 में से 10 सीटें जीत ली हैं। पार्टी ने सातों राज्यों की सीटों की डिटेल के साथ आप और तृणमूल कांग्रेस का भी नाम लिखा।

राज्यवार जीत-हार का मार्जिन…

1. मध्य प्रदेश (1 सीट): भाजपा ने कांग्रेस से प्रत्याशी के साथ सीट भी छीनी
2. बिहार (1 सीट): निर्दलीय शंकर सिंह ने जेडीयू को हराया, पिछली हार का बदला लिया
3. पंजाब (1 सीट): भाजपा ने आप का कैंडिडेट छीना, लेकिन सीट नहीं जीत पाई
4. पश्चिम बंगाल (4 सीट): टीएमसी ने भाजपा से 3 सीटें छीनीं, पिछली बार 1 पर जीती थी
5. हिमाचल प्रदेश (3 सीट): भाजपा को सिर्फ 1 सीट, दो कांग्रेस के खाते में गईं
6. उत्तराखंड (2 सीट): बद्रीनाथ में भाजपा की हार, कांग्रेस ने बसपा से एक सीट छीनी
7. तमिलनाडु (1 सीट): डीएमके ने अपनी जीती सीट दोबारा जीत ली

पवन खेड़ा बोले- पहले अयोध्या अब बद्रीनाथ

नतीजों को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- देशभर में 13 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आपके सामने हैं। लोकसभा चुनाव में जनता का संदेश बहुत स्पष्ट था, लेकिन लोगों ने देखा कि सरकार में अभी भी वही घमंड और ऐंठन थी। इसलिए देश की जनता ने महीने भर में दूसरी बार BJP को संदेश दिया है।

हम उत्तराखंड की दोनों सीट पर जीते और हिमाचल प्रदेश की भी दो सीट पर जीत हासिल की है। भाजपा को 13 सीट में सिर्फ 2 सीट मिली हैं। इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि मध्य प्रदेश के अमरवाड़ा में काउंटिंग रोककर अधिकारी लंच ब्रेक कर लेते हैं। पूरा प्रशासन कांग्रेस को हराने के लिए जुट जाता है।

भाजपा की राजनीति को लोग ठुकरा रहे हैं। क्योंकि भाजपा की राजनीति में जवाबदेही का स्थान नहीं है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति सम्मान नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी लोगों के सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं समझते। जनता को भाजपा की राजनीति में घमंड दिखता है।

मंगलौर में वोटिंग के दिन मुस्लिम मतदाताओं को वोट देने से रोका गया। आज भाजपा के नेता/समर्थक कहते दिखे कि मंगलौर मुस्लिम बाहुल्य इलाका है, वहां कांग्रेस को जीतना ही है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर ऐसा है तो कांग्रेस बद्रीनाथ और अयोध्या कैसे जीत गई। भाजपा सिर्फ लोगों को आपस में लड़ा कर राजनीति कर रही है, इसलिए जनता उनको करारा जवाब दे रही है।