आज रात धरती के करीब से गुजरेगा विमान के आकार का उल्कापिंड… अभी खतरा नहीं, फिर भी सहमे हुए हैं अंतरिक्ष वैज्ञानिक

आज रात धरती के करीब से गुजरेगा विमान के आकार का उल्कापिंड… अभी खतरा नहीं, फिर भी सहमे हुए हैं अंतरिक्ष वैज्ञानिक

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, उल्कापिंड 2024 PK2 का व्यास लगभग 25 फीट है। यह धरती से 1,280,000 किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा। वहीं 2029 में एक अन्य उल्कापिंड 99942 एपोफिस भी धरती के करीब से गुजरेगा।

नासा और इसरो समेत दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियां उल्कापिंड पर नजर रखती हैं। उल्कापिंड अक्सर धरती की ओर आते हैं और सुरक्षित दूरी से गुजर जाते हैं। ऐसा ही एक उल्कापिंड रविवार रात धरती के करीब से गुजरेगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, इस उल्कापिंड का नाम 2024 पीके2 है। इस अंतरिक्ष चट्टान का व्यास लगभग 25 फीट है। धरती से गुजरते समय इसकी न्यूनतम दूरी 1,280,000 किलोमीटर होगी। 2024 PK2 एटेन समूह का उल्कापिंड है। एटेन उल्कापिंडों का एक समूह है जो पृथ्वी के सुरक्षित दूरी पर मंडराते रहते हैं।

क्या उल्कापिंड से धरती को खतरा है?

नासा के वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इस उल्कापिंड से हमारी धरती को कोई खतरा नहीं है। यह सुरक्षित दूरी से गुजर जाएगा। कोई भी उल्कापिंड तभी धरती के लिए खतरनाक माना जाता है, जब वह 4.6 मिलियन मील (7.4 मिलियन किलोमीटर) के भीतर आता है और जिसका आकार 150 मीटर से अधिक हो। 2024 PK2 इस श्रेणी में नहीं आता है।

लेकिन 2029 में धरती से टकरा सकता है उल्कापिंड

इस उल्कापिंड को लेकर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों में कोई चिंता नहीं है, लेकिन 2029 में धरती के बेहद करीब से गुजरने वाले एक अन्य उल्कापिंड ने वैज्ञानिकों को परेशानी में डाल रखा है। इस उल्कापिंड का नाम है 99942 एपोफिस, जिस पर नासा के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो भी नजर रखे हुए हैं।

इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने बीते दिनों कहा था कि उनकी टीम भी 99942 एपोफिस पर नजर रखे हुए है, जो 13 अप्रैल 2029 को पृथ्वी के करीब से गुजरेगा। सोमनाथ ने सभी अंतरिक्ष एजेंसियों के मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि उल्कापिंड के विनाशकारी परिणाम भी हो सकते हैं।