बिलासपुर रेलवे स्कूल के बच्चों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, प्राथमिक उपचार की इस तकनीक से घायल की कर सकते हैं मदद

बिलासपुर रेलवे स्कूल के बच्चों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, प्राथमिक उपचार की इस तकनीक से घायल की कर सकते हैं मदद

स्पेशल टीम के प्रशिक्षित सदस्यों द्वार दी गई इस जानकारी का लाभ स्कूल के 200 से अधिक छात्रों ने लिया। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य व अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षित सदस्यों ने अग्निशमन यंत्र के प्रयोग के साथ प्रदर्शन भी कर दिखाया। इसके बाद उनका अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही सीपीआर देने की विभिन्न तकनीक और प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे हायर सेकंडरी स्कूल क्रमांक दो में विशेष प्रशिक्षण दिया गया। टीम के सदस्यों ने छात्र- छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने की विधि बताईं। इसके अलावा प्राथमिक उपचार, जीवनरक्षक तकनीक और अग्निशमन यंत्र का उपयोग कैसे करना है, इस बारे में विस्तार से समझाया। बच्चों में जानकारी लेने के लिए गजब की जिज्ञासा भी नजर आई। छात्रों को उनकी तकनीक खूब पसंद आई। उन्होंने कहां, जब भी मौका मिलेगा इस तकनीक को अपनाएंगे।

आपातकालीन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनने की तकनीक

यह प्रशिक्षण अभियान मंडल रेल प्रबंधक प्रवीण पांडेय के मार्गदर्शन व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह के निर्देशन में वाणिज्य विभाग कर स्पेशल टीम के द्वारा चलाया गया। बुधवारी बाजार स्थित इस स्कूल में प्रशिक्षण देने के लिए टीम के सदस्य तय समय पर पहुंचे। इसके बाद प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ। इस दौरान सबसे पहले उन्हें छात्रों को प्राथमिक उपचार करने की विधि बताई गई। ऐसा कर वह घायलों क मदद कर सकते हैं। जीवनरक्षक तकनीक और अग्निशमन यंत्र के सही प्रयोग की जानकारी दी गई।

प्राथमिक उपचार और अग्निशमन यंत्र के उपयोग का अभ्यास

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को हृदय की धड़कन और श्वसन प्रणाली को फिर से सक्रिय करने की विधियां बताई गईं। इसके अलावा शरीर के विभिन्न अंगों में त्रिकोणीय पट्टी के माध्यम से प्राथमिक उपचार करने के तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान बच्चों को सिखाया गया कि आग लगने की स्थिति में किस तरह के कदम उठाए जाने हैं और कैसे प्राथमिक उपचार द्वारा किसी घायल व्यक्ति की मदद की जा सकती है।