क्यों कोई देश सफल होता है और क्यों कोई असफल… शोध करने वाले इन 3 अर्थशास्त्रियों को मिला नोबेल
दुनियाभर में आर्थिक असमानता बनी हुई है। खासतौर पर भ्रष्टाचार और तानाशाही से ग्रस्त देशों में आर्थिक असमानता दूर क्यों नहीं होती है, शोध में इस पर जोर देकर बताया गया है। इन अर्थशास्त्रियों के शोध से देशों की असफलता या सफलता के मूल कारणों को समझने में मदद मिली है। इसी वजह से इस साल का नोबेल पुरस्कार उन्हें दिया गया है।
समझाया देश की सफलता-असफलता का कारण
तुर्किये मूल के अमेरिकी एसमोगलू और ब्रिटिश-अमेरिकी जॉनसन मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी में अर्थशास्त्री हैं। वहीं, ब्रिटिश-अमेरिकी रॉबिंसन शिकागो विश्वविद्यालय में शोध करते हैं। इन अर्थशास्त्रियों ने शोध में बताया कि खराब कानून व्यवस्था और शोषणकारी संस्थाओं वाले समाज में विकास क्यों नहीं होता है।
शोध में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि वैश्विक असमानता क्यों बनी हुई है। खासतौर पर भ्रष्टाचार और तानाशाही से ग्रस्त देशों में यह क्यों दूर नहीं होती है। इन अर्थशास्त्रियों के शोध से देशों की असफलता या सफलता के मूल कारणों को समझने में मदद मिली है।
इंसानों की बनाई समस्याएं गरीबी के लिए जिम्मेदार
एसमोगलू और रॉबिंसन ने साल 2012 में एक किताब लिखी थी। ‘व्हाई नेशंस फेल : द ओरिजिन ऑफ पॉवर, प्रोस्पेरिटी एंड प्रोवर्टी’ नाम की इस किताब में उन्होंने समझाया था कि किस तरह से लोगों की पैदा की गईसमस्याएं देशों को गरीब बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।

इस बात को समझाने के लिए उन्होंने अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर स्थित नोगेल्स शहर को उदाहरण के साथ पेश किया था। इसमें उन्होंने बताया था कि एक ही भूगोल, जलवायु, एक ही पूर्वजों और एक ही संस्कृति को साझा करने के बावजूद सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के जीवनस्तर में काफी अंतर है।