माओवादियों से निर्णायक लड़ाई के दौरान नए सुरक्षा शिविर तैयार करेंगे सुरक्षा बल
छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ा अभियान शुरू किया है। कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर आठ दिन से चल रहे अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने निर्णायक बढ़त बना ली है। अब यहां कई नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए जाएंगे, जिससे माओवादियों के लिए यह क्षेत्र सुरक्षित नहीं रहेगा। सुरक्षा बलों का अभियान अंतिम परिणाम तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर माओवादियों के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा बल इलाके में नवीन सुरक्षा शिविर (एफओबी) तैयार करेंगे।
माओवादियों के सबसे सुरक्षित आश्रय स्थल कर्रेगुट्टा तक पहुंचने के बाद अब यहां कई एफओबी खोलकर तेलंगाना सीमा को माओवादियों के लिए पूरी तरह से बंद करने की तैयारी की जा रही है। इधर, लगातार आठवें दिन भी सुरक्षा बल के जवानों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर अभियान जारी रखते हुए पहले दिन से तैनात जवानों को आराम देने का निर्णय लेते हुए उनकी जगह नए जवानों की तैनाती की गई है।
अभियान अंतिम परिणाम आने तक चलता रहेगा
इससे स्पष्ट है कि माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों का यह अभियान अंतिम परिणाम मिलने तक चलता रहेगा। बस्तर में माओवादियों के सबसे मजबूत ठिकाने तक शनिवार को फोर्स के जवान पहुंच गए थे। इसके बाद से लगातार पहाड़ी पर सर्चिंग जारी है। इस बीच जवानों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी से अब तक 150 से अधिक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) व माओवादियों के दर्जनों बंकर भी ढहा दिए हैं। 45 से 48 डिग्री तापमान के बीच अभियान कर रहे जवानों को चोटी पर पानी का एक प्राकृतिक सोता भी मिला है, इससे भी जवानों का हौसला बढ़ा है।

तेलंगाना सीमा पर निर्णायक बढ़त
छत्तीसगढ़ व तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ी लंबे समय से माओवादियों का ठिकाना हुआ करती थी, वहां आठ दिन से चल रहे अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने निर्णायक बढ़़त बना ली है। बीते चार दशक से कर्रेगुट्टा की खड़ी चढ़ाई के कारण इस पहाड़ी शृंखला तक पहुंचने में सुरक्षा बल को कभी कामयाबी नहीं मिली थी, पर अब वहां भी फोर्स पहुंच चुकी है। बस्तर में माओवादियों क्षेत्रों में लगातार एफओबी की स्थापना से एक-एक कर माओवादियों के गढ़ छिनते चले गए। इसके बाद यह सूचना मिल रही थी कि माओवादी संगठन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), तेलंगाना स्टेट कमेटी (टीएससी) व बटालियन नंबर एक के शीर्ष नक्सलियों ने कर्रेगुट्टा को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए हैं।
10 हजार से अधिक जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ी को घेरा
आठ दिन पहले माओवादियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की ओर से एक निर्णायक लड़ाई छेड़ी गई। दस हजार से अधिक जवानों ने कर्रेगुट्टा की पहाड़ी को घेर लिया। पहली बार 12 किमी की चढ़ाई कर जवान पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने में सफल रहे। इस अभेद्य कुर्रेगुटा की पहाड़ी शृंखलाओं के बड़े हिस्से पर सुरक्षा बल ने कब्जा कर लिया है। जवान एक सप्ताह से यहां के चप्पे-चप्पे की छानबीन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस पहाड़़ी पर कई एफओबी स्थापित किए जाएंगे, जिसके बाद ढाई सौ वर्ग किमी की यह पहाड़ी शृंखला माओवादियों के लिए सुरक्षित नहीं रह जाएगी।