सोने की कीमतों में गिरावट से खरीददारी का बना मौका, देखें आपके शहर के भाव

सोने की कीमतों में गिरावट से खरीददारी का बना मौका, देखें आपके शहर के भाव

भारत में 28 जुलाई 2025 को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक वित्तीय जोखिमों में कमी और डॉलर की मजबूती इसका प्रमुख कारण है। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना 9,992 रुपये प्रति ग्राम पर है। स्थानीय मांग और कर भी दरों को प्रभावित करते हैं। भारत में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार 28 जुलाई 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 9,992 रुपये, 22 कैरेट सोना 9,159 रुपये और 18 कैरेट सोना 7,494 रुपये प्रति ग्राम पर दर्ज किया गया है।

बीते दिन की तुलना में यह महज 1 की गिरावट है। यह इस संकेत की तरफ इशारा करता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय जोखिमों में कमी और डॉलर की मजबूती का असर अब भारतीय सोना बाजार पर भी दिखने लगा है।

सोना हुआ नरम

सोना लंबे समय से महंगाई के खिलाफ एक मजबूत कवच माना जाता रहा है। अब जैसे-जैसे डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा है और वैश्विक वित्तीय बाजार में जोखिम घट रहे हैं, निवेशकों ने फिलहाल सोने की ओर से थोड़ी दूरी बना ली है। इससे कीमतों पर दबाव पड़ा है।

शहरवार सोने की कीमतें (प्रमुख शहरों में)

चेन्नई : 

  • 18K: 7,549 रुपये
  • 22K: 9,159 रुपये
  • 24K: 9,992 रुपये

मुंबई

  • 18K: 7,494 रुपये
  • 22K: 9,159 रुपये
  • 24K: 9,992 रुपये

दिल्ली

  • 18K: 7,506 रुपये
  • 22K: 9,174 रुपये
  • 24K: 10,007 रुपये

कोलकाता

  • 18K: 7,494 रुपये
  • 22K: 9,159 रुपये
  • 24K: 9,992 रुपये

अन्य प्रमुख शहरों की कीमतें

बेंगलुरु

  • 18K: 7,494 रुपये
  • 22K: 9,159 रुपये
  • 24K: 9,992 रुपये

केरल

  • 18K: 7,494 रुपये
  • 22K: 9,159 रुपये
  • 24K: 9,992 रुपये

पुणे

  • 18K: 7,494 रुपये
  • 22K: 9,159 रुपये
  • 24K: 9,992 रुपये

वडोदरा

  • 18K: 7,498 रुपये
  • 22K: 9,164 रुपये
  • 24K: 9,997 रुपये

अहमदाबाद

18K: 7,498 रुपये

  • 22K: 9,164 रुपये
  • 24K: 9,997 रुपये

सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारण

भारत में सोने की कीमतें हर शहर में एक जैसी नहीं होतीं। इसकी वजह कई होती हैं। सबसे पहला और अहम कारण है डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति। चूंकि सोने की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए मुद्रा विनिमय दर का सीधा असर होता है। सरकार के लगाए आयात शुल्क और टैक्स भी कीमत में जुड़ जाते हैं। इसके अलावा, स्थानीय मांग, ज्वेलर्स की लागत, ट्रांसपोर्टेशन और भौगोलिक स्थितियां भी अलग-अलग शहरों में कीमतें तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।