रतलाम सराफा बाजार: चांदी बिल में सस्ती तो सोना हुआ महंगा, एमसीएक्स और आरटीजीएस दरों में बड़ा अंतर
सोने में उल्टा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। सराफा व्यापारियों के अनुसार आरटीजीएस में सोना एमसीएक्स से ऊपर बेचा जा रहा है। जबकि हाजर में तो भाव और कम है।
सराफा बाजार में इन दिनों सोना-चांदी की कीमतों को लेकर नया गणित देखने को मिल रहा है। जहां एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी के भाव ऊंचे बने हुए हैं, वहीं आरटीजीएस यानी बिलिंग दरों में चांदी अपेक्षाकृत सस्ती बिक रही है। दूसरी ओर सोने में उल्टा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। सराफा व्यापारियों के अनुसार आरटीजीएस में सोना एमसीएक्स से ऊपर बेचा जा रहा है। जबकि हाजर में तो भाव और कम है।
व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, आयात शुल्क, डालर की स्थिति और स्थानीय मांग के कारण दोनों धातुओं की कीमतों में यह अंतर पैदा हो रहा है। खासकर चांदी में औद्योगिक मांग और निवेशकों की सक्रियता के चलते एमसीएक्स में तेजी बनी हुई है, जबकि स्थानीय बाजार में खरीदी कमजोर होने से बिलिंग रेट नीचे चल रहे हैं।

तुलनात्मक रूप से कम कीमत पर माल उपलब्ध हो रहा है
सराफा कारोबारियों के अनुसार वर्तमान में कई व्यापारी एमसीएक्स की बजाय आरटीजीएस बिलिंग के माध्यम से चांदी खरीदना अधिक लाभकारी मान रहे हैं। इसका फायदा ज्वेलर्स और बड़े व्यापारियों को मिल रहा है, क्योंकि उन्हें तुलनात्मक रूप से कम कीमत पर माल उपलब्ध हो रहा है। सोने में स्थिति विपरीत है। आरटीजीएस बिलिंग में टैक्स, प्रीमियम और आयात लागत जुड़ने से कीमतें अधिक दिखाई दे रही हैं।
सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की आर्थिक नीतियां, डालर इंडेक्स और वैश्विक तनाव का सीधा असर बुलियन बाजार पर पड़ रहा है। देश में आयात शुल्क और सरकारी नीतियों के कारण स्थानीय बाजार की चाल अलग दिखाई दे रही है।
रतलाम का सराफा देशभर में उच्च गुणवत्ता व शुद्धता के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है। यहां रोजाना बड़ी मात्रा में सोना-चांदी का कारोबार होता है। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में निवेशकों को बेहद सावधानी से खरीदारी करनी चाहिए और केवल तेजी की उम्मीद में निवेश करने से बचना चाहिए।
आने वाले समय में चांदी की मांग और बढ़ सकती है
जानकारों के अनुसार यदि चांदी में यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ सकती है। सोने में ऊंचे दामों के कारण ग्राहकों की खरीदारी फिलहाल सीमित बनी हुई है। शादी-विवाह के सीजन और निवेश मांग के आधार पर आगामी दिनों में बाजार की दिशा तय होगी।
व्यवसायी प्रतीक जैन और ऋषभ संघवी का कहना है कि शुक्रवार को मशीन पर चांदी 2.69 से 2.75 लाख व सोना 1.58 से 1.59 लाख रुपये तक रहे। हाजर में सोना 152300 और चांदी 258500 रुपये तक बेचे गए। जबकि आरटीजीएस में चांदी 2.72 लाख व सोना 1.62 लाख रुपये में बेच गए। आरटीजीएस व हाजर में चांदी में जहां 12 से 15 हजार और सोना में आठ से 10 हजार रुपये तक का अंतर चल रहा है।