‘सिर्फ दुबई में खेलने का मौका देकर भारत की मदद कर रहा ICC’… ENG के दिग्गज खिलाड़ियों की बयानबाजी से छिड़ी बहस
इंग्लैंड के दो पूर्व कप्तानों, नासिर हुसैन और माइकल आर्थटन का मानना है कि टीम इंडिया के लिए चैंपियंस ट्रॉफी में इसलिए आसानी हो रही है क्योंकि उसे एक ही जगह पर अपने सभी मैच खेलने हैं, खिलाड़ी पिच और वेदर से परिचित हो चुके हैं, उन्हें कहीं ट्रैवल नहीं करना है, एक ही होटल में रहना है।
टीम इंडिया अपने दोनों मुकाबले जीतकर चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी है। इस बीच, इंग्लैड के दो पूर्व खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि आईसीसी ने टीम इंडिया के सभी मुकाबले दुबई में रखे हैं और इस तरह भारत की मदद की जा रही है।
नासिर हुसैन और माइकल आर्थटन के इन बयानों के बाद एक बार फिर बहस छिड़ गई है कि क्या आईसीसी के फैसलों पर बीसीसीआई का दबाव रहा है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड दुनिया में सबसे ज्यादा पैसे कमाता है और आईसीसी की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा भी यहीं से आता है।

क्या कहा इंग्लैंड के दोनों पूर्व कप्तानों ने
1. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन और माइकल एथरटन का मानना है कि भारतीय टीम अपने सभी मुकाबले दुबई में खेल रही है। इससे भारतीय टीम को फायदा हो रहा है और चैंपियन बनने की उसकी संभावना बाकी टीमों से अधिक हो गई है।
2. एक ही स्थान पर अपने सभी मैच खेलने के कारण भारत के खिलाड़ी पिच और वेदर जैसी परिस्थितियों के अनुकूल हो चुके हैं। बाकी टीमों की तरह उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ट्रैवल नहीं करना पड़ रहा है।
3. स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए हुसैन और एथरटन ने कहा, बाकी टीमों को थकान और अन्य चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है, जबकि टीम इंडिया इनसे दूर है। अन्य टीमों को विभिन्न पिचों और जलवायु के साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
कहीं जाना, न आना
भारत को यह एक फायदा है। मैंने एक ट्वीट देखा था, जिसमें लिखा था- पाकिस्तान – मेजबान देश, भारत – घरेलू फायदा। यह वास्तव में इसका सार है। भारत के खिलाड़ी एक ही शहर में हैं। एक ही होटल में हैं। कोई यात्रा नहीं करना है। एक ड्रेसिंग रूम में हैं। वे पिच जानते हैं। उन्होंने उस पिच को चुना है। ऐसा करते समय वे बहुत स्मार्ट हैं। वे शायद जानते थे कि दुबई की पिच उनके लिए फायदेमंद होगी। – नासिर हुसैन, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान
हाइब्रिड मॉडल के कारण दुबई में खेल रही टीम इंडिया
2017 में चैंपियंस ट्रॉफी विजेता बनने के कारण पाकिस्तान को इस बार की मेजबानी मिली थी, लेकिन भारत ने अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से इन्कार कर दिया था। लंबी जद्दोजहद के बाद आईसीसी ने हाइब्रिड मॉडल की अनुमति दी थी।
सेमीफाइनल में टीम इंडिया, आखिरी मैच न्यूजीलैंड से
बांग्लादेश और पाकिस्तान पर जोरदार जीत के बाद भारत पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है। 2 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम ग्रुप-स्टेज मैच अंक तालिका में टीम की स्थिति (पहला स्थान या दूसरा स्थान) तय करेगा। बहरहाल, अब तक टीम इंडिया के प्रदर्शन ने उन दावों को मजबूत किया है कि एक ही स्थान पर खेलने से उनको आसानी हुई है।