तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा तहव्वुर राणा… यही कैद हैं छोटा राजन, यासीन मलिक जैसे 20 हजार अपराधी

तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा तहव्वुर राणा… यही कैद हैं छोटा राजन, यासीन मलिक जैसे 20 हजार अपराधी

तहव्वुर राणा ने मुंबई आतंकी हमलों में अहम भूमिका निभाई थी। उसने ही पाकिस्तान मूल के अमेरिका नागरिक हेविड हेडली के भारत आने, यहां ठहरने और रेकी करने की पूरी व्यवस्था की थी। 2009 में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने राणा को गिरफ्तार किया था। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को लेकर अमेरिका से विशेष विमान दिल्ली आ रहा है। विमान किसी भी समय दिल्ली में लैंड कर सकता है।

माना जा रहा है कि दिल्ली में कड़ी सुरक्षा के बीच तहव्वुर राणा को एनआईए हेडक्वार्टर लाया जाएगा। यहां मेडिकल चेकअप होगा। फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। राणा को तिहाड़ जेल में रखा जाएगा। सबसे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी पूछताछ करेंगे।

तहव्वुर राणा को देश की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल में रखा जाएगा। इसके लिए हाई सिक्योरिटी वार्ड को खाली करवाया गया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पटियाला कोर्ट में पेश करने के बाद उसे तिहाड़ लाया जाएगा। तिहाड़ में देशभर से 20 हजार कैदी तो हैं ही, यहां छोटा राजन, यासीन मलिक के अलावा कई कश्मीरी, अफगानी आतंकी भी बंद हैं।

तहव्वुर राणा प्रत्यर्पण जुड़ा हर अपडेट

  • राणा के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी होगी। यदि आज अवकाश के कारण कोर्ट नहीं लगती है तो जज के घर से पेशी की जाएगी। सुरक्षा कारणों से राणा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेश किया जाएगा।
  • तहव्वुर हुसैन राणा के भारत पहुंचने पर उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखा जाएगा। राणा को दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
  • केंद्र सरकार ने 26/11 मुंबई हमलों से संबंधित मुकदमे और अन्य मामलों के लिए अधिवक्ता नरेंद्र मान को विशेष सरकारी अभियोजक नियुक्त किया है। तहव्वुर राणा के खिलाफ कोर्ट में नरेंद्र मान सरकार का पक्ष रखेंगे।

अमित शाह बोले- यह सरकार की बड़ी सफलता

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 26/11 आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की कूटनीति की बड़ी सफलता है। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बिना कटाक्ष किया और कहा कि जिन सरकारों के शासन में बम विस्फोट हुए, वे उसे वापस नहीं ला सकीं।