लश्कर प्रमुख हाफिज सईद के बेटे ने उगला भारत के लिए जहर, बांग्लादेशी कट्टरपंथियों से बढ़ा रहा गठजोड़

लश्कर प्रमुख हाफिज सईद के बेटे ने उगला भारत के लिए जहर, बांग्लादेशी कट्टरपंथियों से बढ़ा रहा गठजोड़

लश्कर-ए-तैयबा का नेता सैफुल्लाह कसूरी पाकिस्तानी रैली में खुलकर सामने आया, जहां उसने भारत विरोधी बयान दिए। वह पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत कई आतंकियों को निष्प्रभावी किया गया है। पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के उपप्रमुख और पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी, उर्फ सैफुल्लाह खालिद, एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।

एक विवादास्पद राजनीतिक रैली में कसूरी ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद और पाकिस्तान मार्काजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के नेताओं के साथ मंच साझा किया। यह रैली पाकिस्तान के राष्ट्रीय परमाणु परीक्षण दिवस ‘यौम-ए-तकबीर’ के अवसर पर आयोजित की गई थी। यह रैली भड़काऊ भाषणों, भारत विरोधी नारेबाजी और उग्रवादी बयानबाजी से भरी थी। भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इसे पाकिस्तान में आतंकवादियों के राजनीतिक मुख्यधारा में शामिल होने का सबूत बताया है।

पहलगाम हमले का कथित मास्टरमाइंड

सैफुल्लाह कसूरी पर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। हमलावरों ने पीड़ितों से उनकी धर्म की पहचान पूछकर गोली मार दी थी।
एक वायरल वीडियो में कसूरी ने रैली में दावा किया कि मुझे पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया गया। अब मेरा नाम पूरी दुनिया में मशहूर है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें गोलियों और फायरिंग से डर नहीं लगता, हम शहीद होने की ख्वाहिश रखते हैं। यह बयान क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने की उनकी मंशा को दर्शाता है।

हाफिज सईद के बेटे का भड़काऊ भाषण

रैली में हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद ने भी “नारा-ए-तकबीर” और राष्ट्रविरोधी नारों के साथ भाषण दिया। तल्हा 2024 के पाकिस्तानी आम चुनाव में लाहौर के NA-122 क्षेत्र से हार गया था। पीएमएमएल के माध्यम से लश्कर-ए-तैयबा की बढ़ती राजनीतिक ताकत का प्रतीक है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पीएमएमएल आतंकवादी संगठनों के लिए एक राजनीतिक मोर्चे के रूप में काम कर रहा है। पीएमएमएल ने लाहौर, कराची, इस्लामाबाद और फैसलाबाद जैसे शहरों में भारत विरोधी रैलियां आयोजित की हैं, जिसमें हाफिज सईद की रिहाई और भारत पर सिंधु जल संधि को लेकर “जल आक्रामकता” का आरोप लगाया गया है।

आतंकी ढांचे का निर्माण और बांग्लादेश पर नजर

कसूरी ने कसूर के इलाहाबाद में एक आतंकी ढांचे, अस्पताल, सड़क और तथाकथित “शहीद केंद्र” के निर्माण की योजना की घोषणा की है, जो लश्कर के मारे गए नेता मुदस्सिर शहीद की याद में बनाया जाएगा। खुफिया सूत्रों के अनुसार इस परिसर का उपयोग बांग्लादेशी युवाओं को भर्ती करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए किया जाएगा।
कसूरी ने अपने भाषण में बांग्लादेश को “मुसलमानों पर अत्याचार” वाला देश बताया। हिंदुओं व भारतीय राज्य के खिलाफ जिहाद का प्रचार किया। उसने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) को खुला समर्थन दिया, जो लश्कर और बांग्लादेशी आतंकी समूहों के बीच गठजोड़ का संकेत है।

भारत की प्रतिक्रिया और ऑपरेशन सिंदूर

भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के राजनीतिक मंचों पर खुलेआम सक्रिय होने की कड़ी निंदा की है। पहलगाम नरसंहार के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई-प्रोफाइल आतंकी कमांडरों को मौत के घाट उतारा।
ये आतंकी IC-814 अपहरण और पुलवामा बम विस्फोट जैसे हमलों में शामिल थे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय अस्थिरता को प्रोत्साहित करने का केंद्र बना हुआ है।