‘बोर्ड ऑफ पीस’ विवाद: फ्रांस से नाराज डोनाल्ड ट्रंप, फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ की धमकी

‘बोर्ड ऑफ पीस’ विवाद: फ्रांस से नाराज डोनाल्ड ट्रंप, फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ की धमकी

Board of Peace Row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने फ्रांस द्वारा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने से इनकार करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ (Trump Tariff) लगाने की धमकी दी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का निजी संदेश सार्वजनिक कर दिया।

अमेरिका और फ्रांस के रिश्तों में एक बार फिर तल्खी देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने फ्रांस के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ Trump Tariff) लगाने की धमकी दी है। यह प्रतिक्रिया फ्रांस द्वारा ट्रंप के प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) में शामिल होने से इनकार के बाद सामने आई है। इस विवाद में कूटनीतिक मर्यादाओं पर भी सवाल उठे हैं।

फ्रांस के फैसले से भड़के ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के साथ तीखी नोकझोंक शुरू कर दी है। फ्रांस द्वारा उनके प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण ठुकराए जाने के बाद ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने फ्रांस के प्रसिद्ध वाइन और शैंपेन उत्पादों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है।

क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’

‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना मूल रूप से गाजा के युद्ध-ग्रस्त इलाकों के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से की गई थी। हालांकि, ट्रंप इसे अब केवल गाजा तक सीमित न रखते हुए एक व्यापक वैश्विक शांति मंच के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसी बोर्ड में शामिल होने के लिए फ्रांस को आमंत्रित किया गया था, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया।

ट्रंप का सीधा बयान

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं उनके वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। और वह शामिल हो जाएंगे। लेकिन उन्हें शामिल होने की जरूरत नहीं है।” यह बयान सीधे तौर पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर इशारा करता था। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर फ्रांस ने दुश्मनी दिखाई तो उसे आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे।

निजी संदेश सार्वजनिक करने से बढ़ा विवाद

ट्रंप ने विवाद को और बढ़ाते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर राष्ट्रपति मैक्रों का एक निजी संदेश साझा कर दिया। इस संदेश में मैक्रों ने लिखा था कि दोनों नेता ईरान और सीरिया के मुद्दों पर सहमत हैं, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख को समझना उनके लिए कठिन है।

दावोस बैठक का प्रस्ताव

मैक्रों के संदेश में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का सुझाव भी दिया गया था। उन्होंने ट्रंप को गुरुवार को डिनर पर आमंत्रित करने की बात कही थी और इसमें अन्य G7 देशों के नेताओं के साथ-साथ यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस के प्रतिनिधियों को भी बुलाने का प्रस्ताव रखा था।