एक्टर नहीं, आर्मी ऑफिसर बनना चाहते थे शाहरुख खान, लेकिन सिर्फ इस एक वजह ने बदल दिया एक्टर का मन

एक्टर नहीं, आर्मी ऑफिसर बनना चाहते थे शाहरुख खान, लेकिन सिर्फ इस एक वजह ने बदल दिया एक्टर का मन

शाहरुख ने एक्टर बनने से पहले आर्मी स्कूल जाॅइन किया था, इतना ही नहीं उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की थी। शाहरुख खान एक्टिंग में आने से पहले मीडिया की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान उनकी थियेटर करने की दिलचस्पी जागी। 1988 में शाहरुख को पहला टीवी सीरियल करने का मौका मिला। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। आज उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। शाहरुख के बॉलीवुड डेब्यू से लेकर आज तक हर कोई उनका चाहने वाला है।

उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों का खूब दिल जीता है। अभी भी वे सुपरहिट फिल्में दे रहे हैं। शाहरुख 58 की उम्र में एक साथ कई फिल्मों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने काफी लंबा समय बॉलीवुड को दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शाहरुख कभी भी एक्टर नहीं बनना चाहते थे।

आर्मी स्कूल में लिया था एडमिशन

शाहरुख खान एक बार बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर के टाॅक शो ‘द अनुपम खेर शो’ में गेस्ट के तौर पर आए थे, तो उन्होंने अपने शुरुआती करियर को लेकर कई सारी बातें शेयर की थी। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया था कि वे कभी भी एक्टर नहीं बनना चाहते थे। उनका सपना था कि वे एक आर्मी ऑफिसर बनें। वे चाहते थे कि वे आर्मी स्कूल जॉइन करें।

इस कारण जाॅइन नहीं कर पाए आर्मी स्कूल

इसके आगे शाहरुख खान कहते हैं कि कुछ समय बाद मुझे लगा कि इसके लिए मुझे बाल काटने पड़ेंगे, तो छोटे बालों से मुझे तकलीफ होती है। इतना ही नहीं, मेरी मां ने भी मुझे वहां भेज दिया उसके बाद उनको ऐसा लगा कि मुझे वापिस बुला लेना चाहिए। मैं एक ही पहला ही लड़का हूं, पूरी फैमिली में बाकी सब लड़कियां थीं। इसलिए मेरी फैमिली को लगा कि पहला लड़का है। उनको लगा कि एक ही लड़का है वो भी वॉर पर चला जाएगा और लड़ाई करेगा, तो एक डेढ़ महीने बाद ही मेरी मां ने डिसाइड किया कि नहीं, तुम आर्मी स्कूल मत जॉइन करो। हमारी फैमिली में बहुत औरतें हैं और सबका बहुत लगाव है। उन सभी ने बोला कि नहीं तुम आर्मी मत करो। इसको पढ़ लिख के इंजीनियर बनाओ।

शाहरुख से जुड़ी दिलचस्प बातें

शाहरुख ने बाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वे इंजीनियर बन गए। उन्होंने हॉकी भी सीखा। एक्टर के पिता उनसे कहते थे कि हॉकी जरूर खेलना हमारा नेशनल स्पोर्ट है। शाहरुख के पिता ने मौलाना अब्दुल कलाम आजाद के अगेंस्ट इलेक्शन भी लड़ा था, जिसमें वे हार गए थे। शाहरुख के पिता अपने आखिर दिनों में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में मेस चलाते थे।