काम की खबर: बेरोजगारी में EPFO करेगा आर्थिक मदद, PF अकाउंट से निकाल सकेंगे एडवांस राशि
EPFO द्वारा कर्मचारियों को PF की सुविधा दी जाती है। इस फंड में हर माह कर्मचारी और कंपनी की ओर से निश्चित राशि जमा की जाती है। इस फंड का उपयोग कर्मचारी रिटायरमेंट अथवा इमरजेंसी के दौरान कर सकते हैं। इसके अलावा बेरोजगारी और कंपनी में छटनी होने जैसी स्थिति में भी इस फंड का उपयोग किया जा सकता है।
पीएफ में निवेश न सिर्फ रिटायरमेंट के बाद मदद करता है। बल्कि इमरजेंसी के दौरान भी आप इस फंड में से राशि निकाल सकते हैं। इतना ही नहीं यदि कोई कर्मचारी बेरोजगार हो जाण्, या कंपनी कुछ समय के लिए बंद होती है, तो भी पीएफ फंड आर्थिक रूप से कर्मचारियों की मदद करता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को अपने पीएफ अकाउंट से एडवांस राशि निकालने का ऑप्शन मिलता है। EPFO की इस सुविधा के बारे में आपको यहां बताते हैं।
किन परिस्थिति में निकाल सकते हैं राशि
वैसे तो कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद अथवा इमरजेंसी के दौरान पीएफ फंड में से पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन इस फंड का उपयोग बेरोजगारी और कंपनी बंद होने की स्थिति में भी कर सकते हैं। आप इन स्थितियों में एडवांस निकाल सकते हैं।

बेरोजगारी की स्थिति में –
यदि कोई कर्मचारी एक माह या उससे अधिक समय तक बेरोजगार रहता है, तो EPFO के पैरा 68 HH के अनुसार, वह अपने पीएफ अकाउंट में जमा कुल राशि में से 75 प्रतिशत राशि निकाल सकता है।
फैक्ट्री बंद होने पर-
यदि कोई फैक्ट्री या प्रतिष्ठान लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों में 15 दिन से ज्यादा समय तक बंद रहते हैं और कर्मचारी बिना किसी कंपनसेशन के बेरोजगार रहते हैं, या वे एक या इससे अधिक बार अपने पीएफ फंड में जमा 100 प्रतिशत तक राशि निकाल सकते हैं।
छंटनी का बर्खास्त होने पर-
यदि किसी कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाता है, या छंटनी में उसे निकाल दिया जाता है और इसके खिलाफ कोर्ट में उसने केस दायर कर रखा है, तो वह अपने खाते में जमा कुल राशि में से 50 प्रतिशत राशि एडवांस निकाल सकता है।
6 माह तक फैक्ट्री बंद होने पर-
यदि कोई फैक्ट्री या अन्य प्रतिष्ठान 6 माह से अधिक समय तक बंद रहता है, तो कर्मचारी 100 प्रतिशत तक एडवांस राशि ले सकते हैं। हालांकि, काम पर दोबारा लौटने के बाद कर्मचारी को यह राशि जमा करनी पड़ती है, जो कर्मचारी के वेतन में से 36 किस्तों में वसूली जाती है।
हालांकि, प्रतिष्ठान 5 साल से ज्यादा समय तक बंद रहता है, तो कर्मचारी के लिखित अनुरोध पर सक्षम अधिकारी द्वारा इसे नॉन रिकवरेबल एडवांस में बदला जा सकता है। यानी इस राशि को उसे वापस नहीं करना पड़ेगा।