आरजी कर कांड की पीड़िता के पिता बोले- ऐसे क्राइम में ममता सरकार का हाथ
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा को पत्र लिखा है। तीन दिनों के भीतर मामले में पुलिस की ओर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग के पास जमा करने का निर्देश दिया है। कोलकाता के बालीगंज स्थित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ दो वरिष्ठ छात्रों और संस्थान के एक पूर्व छात्र द्वारा कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म (Rape Case) किया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के नाम मनोजित मिश्रा, प्रमित मुखोपाध्याय व जेब अहमद है।
इनमें मनोजित मुख्य आरोपी है तथा कॉलेज का पूर्व छात्र नेता है। वह वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता है। कॉलेज का अस्थायी कर्मी भी है। प्रमित व जेब कॉलेज के तीसरे वर्ष के छात्र हैं।
आरोपियों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ा रही थी पीड़िता
इस बीच, पीड़िता द्वारा पुलिस में दर्ज शिकायत का विवरण भी सामने आ गया है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में पूरा घटनाक्रम विस्तार से बताया। साथ ही कहा कि वह आरोपियों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ा रही थी, फिर भी नहीं बख्शा। पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि वह 25 जून को 12 बजे कॉलेज में फार्म भरने गई थी। इस दौरान मनोजित ने उसे शाम छह बजे तक इंतजार करने को कहा। मनोजित शाम को लौटा तथा यूनियन रूम में उसके साथ छेड़खानी की।

शादी का प्रस्ताव भी रखा। इन्कार करने पर जबरदस्ती करने लगा। पीडि़ता घर जाने के लिए कालेज के गेट की तरफ बढ़ी। तभी मनोजित के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों ने गेट बंद कर दिया। उसे जबरन सुरक्षाकर्मियों के कमरे (गार्ड रूम) में ले जाकर कथित दुष्कर्म किया गया। शोर सुनकर जब सुरक्षाकर्मी आए तो उन्हें भगा दिया गया। पहले आरोपियों ने मोबाइल से घटना का वीडियो भी बनाया था। घटना के बारे में पुलिस को बताने पर वीडियो प्रसारित करने, उसके प्रेमी को जान से मारने तथा माता-पिता को गिरफ्तार करने की धमकी भी दी। उसे हॉकी स्टीक से मारा भी गया। वह किसी तरह घर लौटी और अगले दिन स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तीनों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। आरोपितों को शुक्रवार को कोलकाता के अलीपुर अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने तीनों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
आरजी कर कांड की पीड़िता के पिता बोले- ममता सरकार का हाथ
इस बीच, आरजी कर रेप और मर्डर केस की पीड़िता के पिता ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के लिए ममता बनर्जी सरकार को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा, कॉलेज के अंदर के लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसमें सरकार की अहम भूमिका है, यही वजह है कि ये सभी घटनाएं हो रही हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों लोग टीएमसी से हैं, इसलिए इस राजनीतिक पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
कौन है कोलकाता लॉ कॉलेज रेप केस का मुख्य आरोपी
कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल ने बताया कि टीएमसी नेताओं तथा शासी निकाय की सिफारिश पर कॉलेज में मनोजित की नियुक्ति हुई थी। वह 2022 में कॉलेज में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन टीएमसीपी की ईकाई का अध्यक्ष भी रह चुका है। मनोजित के फेसबुक में अनेक टीएमसी नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें भी हैं। टीएमसी ने मनोजित के पार्टी के साथ किसी प्रकार के संबंध से साफ इन्कार किया है। पीड़िता ने बताया कि मनोजित काफी प्रभावशाली है। एक तरह से वह छात्र संगठन का अघोषित अध्यक्ष है।
याद आया आरजी कर कांड
घटना से आरजी कर कांड की याद ताजा हो गई है। मालूम हो कि पिछले साल नौ अगस्त को कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना घटी थी।