बचत का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित और शेष जोखिम वाले माध्यम में निवेश करें

बचत का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित और शेष जोखिम वाले माध्यम में निवेश करें

Investment Funda: बदलते समय के साथ निवेश करने के तरीकों में भी बदलाव आया है। हालांकि जोखिम भी बना हुआ है। इसलिए अपनी कमाई में बचत वाला हिस्सा निकालकर शेष को निवेश करने की रणनीति ठीक है। इसी बारे में यह पढ़िए चार्टर्ड अकाउंटेंट आशुतोष गोखले का फंडा।

अपनी पूरी बचत एक जगह न लगाएं

किसी भी निवेशक को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी अपनी पूरी बचत एक जगह न लगाएं। सबसे पहले हमें अपने हाथ में आ रही बचत को देखना चाहिए। इसका हिसाब लगाकर फिर अपना निवेश प्लान तैयार करना चाहिए। इस फार्मूले को ध्यान में रखें कि हाथ में आ रही बचत का एक हिस्सा सुरक्षित माध्यम और कम जोखिम वाले माध्यम में निवेश करें। सुरक्षित माध्यमों में आप प्रचलित माध्यमों के साथ एसआईपी की भी चुन सकते हैं।

बचत की शेष 30 प्रतिशत राशि को आप शेयर मार्केट जैसे जोखिम वाले माध्यमों में निवेश कर सकते हैं। सही समय का इंतजार करते हुए बाजार में निवेश करना चाहिए। इसके साथ ही प्रापर्टी में निवेश भी अच्छा रिटर्न देने वाला साबित होता है।

एंजेल इंवेस्टमेंट

वर्तमान दौर में लोग एंजेल इंवेस्टमेंट भी कर रहे हैं। इसका अर्थ होता है ऐसे स्टार्ट अप जिनके आगे जाने की अच्छी संभावना होती है, उनमें निवेश करना। हमें इस बारे में भी विचार करना चाहिए। निवेश का मूल नियम कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

मिक्स पोर्टफोलियो

हमें हमेशा मिक्स पोर्टफोलियो बनाना चाहिए। इसमें सभी माध्यमों का अच्छा मिश्रण रखे। इससे जोखिम कम होगा और अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना ज्यादा रहेगी। अगर आप सुरक्षित माध्यम में प्रापर्टी सेक्टर में निवेश का मन बनाते हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि निवेश विकसित क्षेत्र में करने के बजाय विकासशील क्षेत्र में करें। इसकी वजह है कि विकसित क्षेत्र में संपत्ति के दाम अपनी अधिकतम सीमा को छू चुके होते हैं या छूने के करीब होते हैं। ऐसी स्थिति में आपको वहां बहुत अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना कम रहती है। इसके बजाय अगर विकासशील क्षेत्र में निवेश करेंगे तो अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।