‘पुतिन को फोन करो और समझाओ, नहीं तो…’, यूएस के साथ रूस के तनाव के बीच NATO की भारत, चीन, ब्राजील को धमकी

‘पुतिन को फोन करो और समझाओ, नहीं तो…’, यूएस के साथ रूस के तनाव के बीच NATO की भारत, चीन, ब्राजील को धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि उनकी पहल पर रूस और यूक्रेन के बीच जंग रुक जाए, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने रुख पर कायम है। इसे देखते हुए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का पारा चढ़ रहा है। यूक्रेन के साथ शांति वार्ता को लेकर रूस का रवैया अमेरिका को पसंद नहीं आ रहा है। अब नाटो (North Atlantic Treaty Organization) भी इस विवाद में कूद पड़ा है।

वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद नाटो महासचिव मार्क रूट ने ब्राजील, चीन और भारत को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे रूस के साथ व्यापार जारी रखते हैं तो उन्हें गंभीर आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। पत्रकारों से बात करते हुए रूट ने बीजिंग, दिल्ली और ब्राजील के नेताओं से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन के साथ शांति वार्ता को गंभीरता से लेने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया।

नाटो महासचिव ने क्या कहा भारत, चीन, ब्राजील पर

रूट ने कहा, ‘अगर आप चीन के राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं और रूस के साथ व्यापार करना और उनका तेल व गैस खरीदना जारी रखते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।’
अगर मास्को में बैठा व्यक्ति शांति वार्ता को गंभीरता से नहीं लेता है, तो अमेरिका, रूस पर 100 प्रतिशत द्वितीयक प्रतिबंध (सेकेंडरी सेक्शन) लगा देगा।’

रूट ने तीनों देशों के नेताओं से पुतिन से शांति वार्ता के लिए आग्रह करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, ..तो कृपया व्लादिमीर पुतिन को फोन करें और उन्हें बताएं कि उन्हें शांति वार्ता के बारे में गंभीर होना होगा, अन्यथा इसका ब्राजील, भारत और चीन पर व्यापक असर पड़ेगा।

ट्रंप की धमकी से बेपरवाह पुतिन जारी रखेंगे लड़ाई

इस बीच, रूस पर अमेरिका की धमकियों का कोई असर होता नहीं दिखा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया है कि वह तब तक लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक पश्चिम देश उनकी शर्तों पर बातचीत के लिए तैयार नहीं होते। इससे एक दिन पहले ट्रंप ने यूक्रेन के लिए हथियारों की आपूर्ति का एलान किया था और कहा था कि रूस 50 दिन में शांति समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो वह रूसी उत्पादों को खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाएंगे। ऐसे देशों पर अमेरिका 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकता है।