Kunal Kamra ने फिर बनाया वीडियो… महाराष्ट्र विधानसभा में नेताओं की झड़प पर साधा निशाना, फडणवीस और शिंदे पर भी तंज
कुणाल कामरा ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए ‘कानून तोड़ने वाले’ शीर्षक दिया है। वीडियो पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ लोग अभिव्यक्ति के नाम पर संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं का अपमान करार दे रहे हैं। कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने ताजा वीडियो में एक बार फिर नेताओं पर व्यंग्य किया है। दरअसल, महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी (शरद पवार गुट) विधायक जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प हुई थी।
कुणाल कामरा ने इसी का मजाक उड़ाया है। उन्होंने ‘हम होंगे कामयाब’ गाने की तर्ज पर नेताओं, खासतौर पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों को निशाना बनाने की कोशिश की है।
देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे पर भी साधा निशाना
इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया समूह पर शेयर इस वीडियो में विधानसभा की लॉबी में नेताओं का एक समूह आपस में झड़प कर रहा है। सुरक्षाकर्मी उनको अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही कुणाल गाना शुरू करते हैं कि नंगे चारों ओर, करेंगे दंगे चारों ओर, पुलिस के पंगे चारों ओर। वीडियो में जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिखाई देते हैं तो कुणाल कहते हैं कि मन में नत्थू राम… इसके आगे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे दिखाई देते हैं तो कुणाल करते हैं कि हरकतें आसाराम, हम होंगे कंगाल एक दिन। इस तरह वीडियो क्लिप समाप्त होती है।

महाराष्ट्र विधानसभा में क्यों हुआ पंगा
सोशल मीडिया पर भाजपा और राकांपा (सपा) के दो गुटों के एक-दूसरे पर हमला करने और सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें घसीटकर वापस ले जाने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। यह झगड़ा गुरुवार को विधानसभा भवन के बाहर आव्हाड के कुछ दिन पुराने ‘मंगलसूत्र चोर’ वाले बयान को लेकर हुई बहस से शुरू हुआ। हालांकि राकांपा (सपा) नेता ने किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन माना गया कि उनका तंज भाजपा के गोपीचंद पडलकर पर था।
पहले शिंदे को कहा था गद्दार
इस साल की शुरुआत में कुणाल कामरा ने अपने स्टैंड-अप स्पेशल ‘नया भारत’ के दौरान ‘हम होंगे कामयाब’ गाने की पैरोडी इस्तेमाल करके उसे ‘हम होंगे कंगाल’ के रूप में गाया था, जिसके काफी बवाल मचा था। तब कामरा ने एकनाथ शिंदे को गद्दार कहा था। यह भी कहा कि कैसे शिंदे ने 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी, जिससे शिवसेना में फूट पड़ गई और सरकार गिर गई।