महंगाई ने कड़वी कर दी पाकिस्तानियों की चीनी, कराची में 190 रुपए किलो पहुंचा दाम

महंगाई ने कड़वी कर दी पाकिस्तानियों की चीनी, कराची में 190 रुपए किलो पहुंचा दाम

कराची सहित पाकिस्तान के अन्य शहरों में शक्कर के बढ़ते दामों ने आम जनता को परेशान कर दिया है। हालात काबू करने के लिए सरकार ने पांच लाख टन चीनी आयात करने का फैसला किया है। पाकिस्तान में लोग महंगाई से ग्रस्त हैं। ताजा खबर कराची से है जहां एक किलो शक्कर (चीनी) के लिए लोगों को 190 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। कालाबाजारी और जमाखोरों की मनमानी से परेशानी जनता सड़कों पर उतरी, तो प्रशासन को आगे आना पड़ा। अब कराची कमिश्नर को रेट तय करने पड़े हैं। नोटिफिकेशन जारी कर बताया गया है कि शहर में थोक और खुदरा में शक्कर क्या भाव बेची जाएगी।

एआरवाई न्यूज के मुताबिक, कराची कमिश्नर ने शहर में शक्कर की कीमतों को लेकर जनता के आक्रोश के बीच नई कीमतें तय की हैं। नवीनतम अधिसूचना में, चीनी का संशोधित थोक मूल्य 170 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि खुदरा मूल्य अब 173 रुपये प्रति किलोग्राम है।

इससे पहले खबर थी कि शहर के सुपरमार्केट और अन्य बाजारों में चीनी की कीमतें 180 रुपये से 190 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो पहले से अधिसूचित कीमतों से कहीं ज़्यादा हैं। 15 अप्रैल की एक आधिकारिक अधिसूचना में कराची कमिश्नर ने चीनी का थोक मूल्य 160 रुपये प्रति किलोग्राम और खुदरा मूल्य 163 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया था। यह केवल तीन महीनों में 10 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि थी।

कराची में चीनी की कीमतों में वृद्धि आवश्यक वस्तुओं पर मुद्रास्फीति के दबाव का एक हिस्सा है। देश भर में चीनी की कीमतों में हालिया उछाल का कारण जमाखोरी, बाजार में हेराफेरी और खरीद में तेजी को बताया गया है। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बाजार को स्थिर करने के लिए 5,00,000 टन चीनी के आयात को मंजूरी दे दी है।