जमीन विवाद में बेटे और पोतों ने मिलकर की बुजुर्ग की हत्या, वारदात के बाद शव को रात में…
पटना के कंकड़बाग में जमीन विवाद ने पिता-पुत्र के रिश्ते को शर्मसार कर दिया। बेटे आलोक नाथ और उसके दो नाबालिग बेटों ने मिलकर बुजुर्ग शिवभजन विश्वकर्मा की लोहे की छड़ से हत्या कर शव को सुनसान इलाके में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बिहार की राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके में संपत्ति विवाद ने खून के रिश्ते का कत्ल कर दिया। क्राइम इतना खौफनाक था कि जिसने सुना चौंक गया। जमीनी विवाद में 60 वर्षीय शिवभजन विश्वकर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई और आरोप में कोई और नहीं बल्कि उनके अपने बेटे और पोते शामिल निकले।
ऐसे दिया खौफनाक जुर्म को अंजाम
पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई को शिवभजन को उनके बड़े बेटे आलोक नाथ विश्वकर्मा ने मिलने के बहाने बुलाया। जमीन और मकान को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच उस दिन कहासुनी हुई, जो हत्या में बदल गई। आलोक और उसके दो नाबालिग बेटों ने लोहे की छड़ से बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद तीनों ने अंधेरा होने तक इंतजार किया। रात करीब ढाई बजे शव को बाइक से रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के महादेवनगर ले जाकर सुनसान स्थान पर फेंक दिया।
छोटे बेटे ने लापता होने की दर्ज कराई शिकायत
22 जुलाई को मृतक के छोटे बेटे कृष्णा विश्वकर्मा ने कंकड़बाग थाने में अपने पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और 19 जुलाई को रामकृष्णा नगर में मिले एक अज्ञात शव की पहचान शिवभजन के रूप में की।
आरोपियों ने कबूला जुर्म
जांच के दौरान सबूतों और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपी आलोक और उसके दोनों नाबालिग बेटों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में तीनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। बता दें कि शिवभजन अपने छोटे बेटे कृष्णा के साथ रहते थे। संपत्ति में हिस्सा देने को लेकर लंबे समय से बड़े बेटे आलोक से विवाद चल रहा था। हत्या के समय आलोक की पत्नी ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे अनसुना कर दिया।