अफगानिस्तान में भूकंप से 500 लोगों के मरने की आशंका, चारों तरफ फैली तबाही
अफगानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में 6.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही मची। अब तक 20 मौतें और 115 से अधिक लोग घायल हुए। नंगरहार और कुनार प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सड़कें बंद होने से बचाव कार्य बाधित हैं। तालिबान सरकार ने तत्काल अंतरराष्ट्रीय मदद और हेलिकॉप्टर मांगे हैं। अफगानी मीडिया के मुताबिक इस आपदा में अब तक कम से कम 500 लोगों के मारे जाने की संभावना है। वहीं सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। रात 11:47 बजे आए इस भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर था। इसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए हैं।
इन जगहों पर दिखा तबाही मंजर
भूकंप का सबसे ज्यादा असर नंगरहार और कुनार प्रांतों में देखा गया। यहां दर्जनों घर मलबे में बदल गए। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कुनार प्रांत की मजार घाटी के कई गांव पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़कों पर मलबा जमा हो गया, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
हेलिकॉप्टर से ही बचाव कार्य संभव
कुनार पुलिस ने कहा कि सड़क मार्ग बंद होने से मदद पहुंचाने और घायलों को निकालने का एकमात्र जरिया हवाई मार्ग है। अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से तात्कालिक मदद की गुहार लगाई है।

अस्पतालों में घायलों की भीड़
नंगरहार के अस्पतालों में दर्जनों घायलों को भर्ती कराया है। उप-गवर्नर अजीजुल्लाह मुस्तफा ने बताया कि उनके जिले में ही करीब 30 घायलों का इलाज किया जा रहा है। खून दान करने के लिए आम लोग अस्पतालों में जुट गए हैं।
क्यों अफगानिस्तान में आता है सबसे ज्यादा भूकंप?
अफगानिस्तान इंडियन और यूरेशियन प्लेटों की टकराहट वाले खतरनाक टेक्टॉनिक फॉल्ट जोन पर मौजूद है। यहां अक्सर भूकंप आते हैं। मिट्टी, लकड़ी व कमजोर कंक्रीट से बने मकानों के ढहने से तबाही और बढ़ जाती है। जून 2022 में 5.9 तीव्रता के भूकंप ने एक हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी।
मौतों का आंकड़ा बढ़ने की संभावना
तालिबान सरकार को आशंका है कि दुर्गम गांवों से रिपोर्ट आने के बाद मृतकों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है। अफगानिस्तान सरकार ने तुरंत राहत सामग्री और हेलिकॉप्टर भेजने की अपील की है।