शादी के सीजन में क्यों गिर रहे सोना-चांदी के दाम? सामने आईं 3 बड़ी वजहें

शादी के सीजन में क्यों गिर रहे सोना-चांदी के दाम? सामने आईं 3 बड़ी वजहें

Gold Silver Price Crash: शादियों के सीजन के बीच सोना-चांदी की कीमतों में फिर गिरावट देखने को मिल रही है। मंगलवार, 18 नवंबर को लगातार चौथे दिन इन दोनों धातुओं के दाम फिसले हैं। यह कमी अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू मार्केट तक दर्ज की गई।

एमसीएक्स पर गोल्ड करीब 1000 रुपये तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी के दाम में लगभग 1500 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई। IBJA के अनुसार भी सोना करीब 800 रुपये और चांदी 2200 रुपये से ज्यादा टूट गई। अब बड़ा सवाल यह है कि वेडिंग सीजन के बावजूद कीमतें नीचे क्यों जा रही हैं? इसके पीछे तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं।

MCX पर 976 रुपये टूटा सोना

मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। MCX पर 5 दिसंबर एक्सपायरी वाला 24 कैरेट गोल्ड 976 रुपये टूटकर 1,21,951 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को यही रेट 1,22,927 रुपये प्रति 10 ग्राम था। अगर गोल्ड के ऑल-टाइम हाई 1,32,294 रुपये से तुलना करें तो सोना अभी भी करीब 10,343 रुपये सस्ता बिक रहा है।

चांदी में भी आई तेज गिरावट

सोमवार को MCX पर चांदी 1,55,312 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो मंगलवार को 1,53,882 रुपये प्रति किलो रह गई। यानी इसमें 1,430 रुपये की गिरावट आई है। अपने अब तक के उच्चतम स्तर 1,70,415 रुपये प्रति किलो से चांदी करीब 16,533 रुपये सस्ती हो चुकी है।

घरेलू बाजार में भी दिखा असर

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोमवार को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,22,924 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि मंगलवार को यह घटकर 1,21,366 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया यानी 1,558 रुपये की कमी दर्ज हुई। वहीं, चांदी का दाम सोमवार को 1,54,933 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो मंगलवार को घटकर 1,51,850 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया यानी 3,083 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

क्यों गिरे Gold-Silver के दाम?

  •  डॉलर की मजबूती: डॉलर के मजबूत होने पर सोना-चांदी अन्य करेंसी में महंगे हो जाते हैं, जिससे विदेशी मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है।
  •  ट्रेड टेंशन में कमी: अमेरिका द्वारा कई देशों के साथ नए ट्रेड एग्रीमेंट किए जाने से ग्लोबल अनिश्चितता कम हुई है, जिसके चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प जैसे गोल्ड-सिल्वर की ओर कम झुक रहे हैं।
  •  फेड की नीति का असर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में जल्द कमी के संकेत नहीं दिए हैं। चूंकि सोना-चांदी ब्याज नहीं देते, इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक इनकी ओर कम आकर्षित होते हैं।