वर्ल्ड कप से पहले वैभव सूर्यवंशी का तूफान, विजय हजारे ट्रॉफी में 310 के स्ट्राइक रेट से कूटे रन, सिक्किम को चटाई धूल

वर्ल्ड कप से पहले वैभव सूर्यवंशी का तूफान, विजय हजारे ट्रॉफी में 310 के स्ट्राइक रेट से कूटे रन, सिक्किम को चटाई धूल

भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया के नवनियुक्त कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपने बल्ले से तहलका मचा दिया है। जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वर्ल्ड कप से ठीक पहले, बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने मेघालय के खिलाफ मुकाबले में 310 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर विपक्षी टीम के होश उड़ा दिए।

310 के स्ट्राइक रेट से बरपाया कहर

लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार की टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने ‘सुपरफास्ट’ शुरुआत की। उन्होंने महज 10 गेंदों का सामना करते हुए 31 रन कूट डाले। अपनी इस छोटी लेकिन विस्फोटक पारी में वैभव ने 6 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा। जब वह पांचवें ओवर में आउट हुए, तब टीम का स्कोर 38 रन था, जिसमें से 31 रन अकेले वैभव के बल्ले से निकले थे।

यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैभव को हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए जूनियर इंडिया टीम की कप्तानी सौंपी गई है। उनकी यह फॉर्म अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय खेमे के लिए राहत की खबर है।

पीयूष सिंह के शतक से बिहार की आसान जीत

वैभव की तूफानी शुरुआत के बाद मध्यक्रम में पीयूष सिंह ने मोर्चा संभाला। पीयूष ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 88 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए। उनकी इस शतकीय पारी में 14 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। पीयूष का साथ आकाश राज ने बखूबी निभाया, जिन्होंने 90 गेंदों पर नाबाद 75 रनों की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की बदौलत बिहार ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।

सिक्किम का संघर्ष और राम गुरांग की जुझारू पारी

इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी सिक्किम की टीम ने निर्धारित ओवरों में संघर्ष किया। टीम का ऊपरी क्रम पूरी तरह फ्लॉप रहा, लेकिन नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए राम गुरांग ने टीम की लाज बचाई। गुरांग ने 64 गेंदों पर 3 चौकों और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 56 रन बनाए। उनके और अनीष (32 रन) के योगदान की बदौलत सिक्किम किसी तरह 200 के आंकड़े को पार कर 217 रन बना सकी।

वर्ल्ड कप से पहले वैभव पर टिकी नजरें

वैभव सूर्यवंशी की यह आक्रामक शैली दर्शाती है कि वह आगामी आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के लिए ‘एक्स-फैक्टर’ साबित हो सकते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं के भरोसे को और मजबूत किया है।